किताब के पन्नों को कभी कोरा ना समझना । ये दिल है हमारा इसे कभी खिलौना ना समझना

रातें कटती है आंखों में तुम बसी हो मेरी सांसो में ।
जब ख्वाब आता है हमको, तुम्हारी यादें तड़पा जाती है रातों

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हमने होश कब सम्भाला था, उसने तो हमें मार ही डाला था

शुक्र है उस खुदा का, जिसने हमें वक्त पे आके सम्भाला था


उजड़ गई है दुनिया मेरी, वब्बाद हो गया हूं मैं


हालात कुछ इस तरह मुझे है, जिंदगी भर के लिए ता रह गया हूं मैं।

जिस जगह पैदा होते है लो ग,
उस जगह की मिट्टी भी रखते हैं लोग ।
खेलने वाले खेल जाते हैं दिल से,
न जाने क्यू यादें छोड़ जाते हैं लोग ।

जाने क्यों लोग दगा दे जाते हैं प्यार में,
हर वफा का खून कर जाते हैं प्यार में ।
अंजाम एक से बढ़कर एक होते हैं,
फिर भी क्यों लोग जीते, मरते हैं प्यार में ।
होठों पे ओस का ये बूंद खूबसूरती पर चार चांद लगाती है।
सनम तेरी यादें हर पल मुझको तड़पाती है 11


शायद दिल इंसान कैसे रहते होंगे इस जहां में.
उनके महल खड़े होते होंगे ख्वाबों में ।

ख्वाब टूट जाने का हमेशा डर रहता है ।
फिर भी महल खड़ा करते होंगे वो ख्वाबों में

वाह रे खुदा देखी तेरी खुदाई ।
जिसमें ये सारी दुनिया समाई ।
एक हसीना के पीछे इतनी जुगत लगाई।
फिर भी वो काम ना आई
मिली हमको सदा बेवफाई ।

हमको सदमा लगा है ऐसा, पल-पल निकालना पड़ रहा है भारी ।
अभी तो कुछ ही लाहें गुजरे हैं ऐसे ही जिन्दगी गुजारनी हैसारी ॥

मौत तो आयेगी हमको सनम्, लेकिन हम तुमको ना भूल पायेंगे सनम् ।
वफा से लेकर बेवफा, बेवफा से वफा तक याद रखेंगे तुझको सनम ॥

जन्नत से भी फूल चुराकर दूंगा तुझे,
हर खुशियां इस जहां से लाकर दूंगा तुझे ।
खुश रहें- हम कांटों के साथ में,
हर दुखों से महरूम
रखूंगा
तुझे ॥
मैं रव
से यही फरियाद
करू,
दुनिया बदले चाहे वो बदले मगर मैं ना बोलूं ।
हर
से
अनजान रख उसे
और इस जहां की हर खुशियां उसको दूं A

किताब के पन्नों को कभी कोरा ना समझना ।
ये दिल है हमारा इसे कभी खिलौना ना समझना

किस तरह करूं, तुम्हारी खुबसूरती को मेरे पास कोई शब्द नहीं ।
इस जहां में और भी हंसी है मगर तुम जैसा और कोई नहीं ।

गली-गली जिसको तलाशा था हमने,
वो मिली हमें हमारे घर के पिछवाड़े।
जिस पर भरोसा था हमको,
उसी ने लूट लिया हमको दिन-दहाड़े ॥
तन्हाइयों में मिले वो मुझसे अगर,
कर दें हाल बयां मैं अपने दिल का ।
फिर भी वो ना समझे मेरे प्यार को,
छोड़ दें मैं ये आलम प्यार का ॥
पंगा से,लेतेहैं
अपने
सभी
दिल
ये नहीं सोचते बाद में हाल होगा क्या अपने दिल का ।।
ये नादां लोग पहले खेल जाते हैं अपने दिल से,
फिर तमाशा देखते हैं अपने दिल की बर्बादी का ।


तेरी नजरों के जाम पिये इतना होश ना आएं कभी ।
मर भी जाए तो तुझे भुला ना पाएं कभी

जीतेंगे हम तुमको मोहब्बत से तकरार में क्या रखा है,
चाहेंगे तुमको उम्र ये है जब तक सांस में सांस बाकी है
छिन सकेगा कोई क्या हमसे मेरी मोहब्बत को,
सदा तुझसे मोहब्बत करते रहेंगे, जब तक जान में जान वाकी है ।

Author: mk746

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