याद हैं मुझे आज भी उसके आखिरी अल्फ़ाज़ ! जी सको तो जी लेना वरना मर जाओ तो बेहतर है !!

याद हैं मुझे आज भी उसके आखिरी अल्फ़ाज़ !
जी सको तो जी लेना वरना मर जाओ तो बेहतर है !!

उसकेजानेकेबादभीअकेलानहींहूँमैं !
बेबसीउदासीइंतज़ारनाजानेक्याक्याहैमेरे_पास !!

आज इतना जहर पिला दो कि सांस तक रुक जाए मेरी !
सुना है कि सांस रुक जाए तो रूठे हुये भी देखने आते है !!

अगर रुक जाये मेरी धड़कन तो इसे “मौत” मत समझना !
अक्सर होता है मेरे साथ,हमेसा तेरी याद आने के बाद !!



रोते रोते दिन कटता है तड़प कर रात !
भूल न पाता एक घडी ही प्यारी तेरी बात !!

सुना है मोहब्बत में जान चली जाती है !
क्यों न मोहब्बत का नाम मौत रख दे !!



ये सांपो की बस्ती है,ज़रा देख के चल “नादान !
यहाँ का हर शख्स,बड़े प्यार से डसता है !!





जो नजर से गुजर जाया करते हैं !
वो सितारे अक्सर टूट जाया करते हैं !
कुछ लोग दर्द को बयां नहीं होने देते !
बस चुपचाप बिखर जाया करते हैं !!





सवाल “ज़हर” का नहीं था.वो तो मैं पी गया !
तकलीफ़ लोगों को तब हुई.जब मैं ज़हर पी के भी जी गया !!




ना मुस्कुराने को जी चाहता है !
ना आंसू बहाने को जी चाहता है !
लिखूं तो क्या लिखूं तेरी याद में !
बस तेरे पास लौट आने को जी चाहता है !!



दुनिया में किसी से कभी प्यार मत करना !
अपने अनमोल आँसू इस तरह बेकार मत करना !
कांटे तो फिर भी दामन थाम लेते हैं !
फूलों पर कभी इस तरह तुम ऐतबार मत करना !!






ना हम रहे दिल लगाने के क़ाबिल !
ना दिल रहा गम उठाने के क़ाबिल !
लगा उसकी यादों से जो ज़ख़्म दिल पर !
ना छोड़ा उस ने मुस्कुराने के क़ाबिल !!




किसी के दिल का दर्द किसने देखा है !
देखा है तो सिर्फ चेहरा देखा है !
दर्द तो तन्हाई मे होता है !
लेकिन तन्हाइयो मे लोगों ने हमे हँसते हुए देखा है !!






एक दिन जब हुआ ‎इश्क‬ का एहसास उन्हें !
वो हमारे पास आकर सारा ‪‎दिन‬ रोते रहे !
और ‪‎हम‬ भी इतने खुदगरज निकले ‪‎यारों !
कि ‪आँखें‬ बद करके ‪कफन‬ मे सोते रहे !!



आज कह तो दिया दिल पर पत्थर रख कर नहीं करता मैं प्यार !
कैसे समझाऊँ उस नादान को इस दिल मेेे तेरे सिवा कोई नहीं !!






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