गीले कागज़ की तरह है जिंदगी अपनी

????????????????गीले कागज़ की तरह है जिंदगी अपनी कोई जलाता भी नहीं और कोई बहाता भी नहीं इस कदर अकेले हैं राहों में दिल की कोई सताता भी नहीं और कोई मनाता भी नहीं????????????????????

खास बनाने वाला कोई शीशे का दिल बनाया होता खास बनाने वाला कोई शीशे का दिल बनाया होता तोड़ने वाले के हाथ में कोई जख्म तो आया होता

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नींद में हो तो एक सपना भेजो जाग रहे हो तो फसाना भेजो हंस रहे हो तो जोक भेजो रो रहे तो आंसू हैं और कुछ नहीं करी है तो ऐसे मैसेज भेजo

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ए दोस्त जब भी तू उदास होगा मेरा ख्याल तेरे पास होगा दिल की गणेश जल्दी करोगे याद हमें तुम्हें हमारी करीब होने का एहसास होगा

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हंसना हमारा किसी को गवारा नहीं होता हर मुसाफिर जीने का सहारा नहीं होता मिलते हैं बहुत लोग तन्हा जिंदगी में पर हर कोई प्यारा आप सा नहीं होता

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सपना से दिल लगाने की आदत नहीं नहीं नहीं हरवा कुछ खाने की आदत नहीं रही यह सोच कर कि कोई मनाने नहीं आएगा हम रूठ जाने की आदत नहीं है

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आंखों में है गमों के आंसू और होठों पर फरियाद है और क्या है अब पास हमारी बस एक तेरी याद है

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